Bhilwara Online Lokjeevan News Lokwani News Online Games Quick Tour
Interesting Things [ दिलचस्प बातें ]
स्वाइन फ्लू से बचाव में हर्बल चाय लाभदायक
स्वाइन फ्लू से बचाव में हर्बल चाय लाभदायक
आईएएनएस/वीएनएस। स्वाइन-फ्लू की बीमारी से बचाव में हर्बल चाय लाभदायक हो सकती है। यह चाय आप अपने किचन में भी आसानी से तैयार कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर के पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. हरीन्द्र मोहन शुक्ल के अनुसार यह हर्बल चाय लौंग, इलायची, सोंठ, हल्दी, दालचीनी, गिलौय, तुलसी, कालीमिर्च और पिप्पली को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर तैयार की जा सकती है।
इस चूर्ण की दो ग्राम मात्रा एक कम चाय में डालकर उसे अच्छी तरह उबालकर सुबह-शाम पीने पर शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और स्वाइन-फ्लू जैसी बीमारी से भी बचाव होता है। सामान्य स्थिति में भी लोग इस हर्बल चाय का सेवन कर सकते हैं।
यहां बीटीआई मैदान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय आरोग्य मेले में रविवार को लोगों को यह जानकारी दी गई। नागरिकों को यह समझाया जा रहा है कि स्वाइन फ्लू को लेकर भ्रमित होने और घबराने की जरूरत नहीं है। आम तौर पर मौसम में बदलाव के समय फ्लू अथवा सर्दी, जुकाम, बुखार की शिकायत होती रहती है, लेकिन सामान्य इलाज से ये शिकायतें दूर हो जाती हैं।
डॉ. हरीन्द्र मोहन शुक्ल ने यह भी बताया कि कपूर और इलायची को पीसकर कपड़े में छोटी पोटली बनाकर रखें और उसे बार-बार सूंघते जाएं, तो स्वाइन-फ्लू सहित कई प्रकार के फ्लू यानी सर्दी, जुकाम, सिरदर्द, बुखार आदि से बचा जा सकता है।
इसके अलावा चिरायता, गुडुची, अनंतमूल, सोंठ, हल्दी, कालमेघ, वासा और तुलसी का काढ़ा बनाकर पीने से भी इस बीमारी के इलाज में फायदा होता है। मरीज को नीलगिरी तेल का वाष्प लेना चाहिए। इसके साथ ही सितोपलादि चूर्ण, त्रिकटु चूर्ण, लक्ष्मी विलास रस, गोदंती, श्रंग-भस्म आदि का सेवन आवश्यकता अनुसार चिकित्सक के परामर्श से करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्वाइन-फ्लू कोई नई बीमारी नहीं है, बल्कि यह सामान्य प्रकार के फ्लू के लक्षणों के समान लक्षण वाला फ्लू (प्रतिश्याय) है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इसका कारण एच-वन-एन-वन नामक विषाणुओं को माना गया है। प्रकृति में ऐसे असंख्य विषाणु वातावरण में मौजूद हैं, जिन्हें कभी नष्ट नहीं किया जा सकता, लेकिन उनसे बचाव किया जा सकता है।
प्रकृति ने इन जीवाणुओं और विषाणुओं के बीच ही मनुष्य को स्वस्थ बने रहने के लिए उच्च प्रतिरोधक क्षमता प्रदान की है, लेकिन दूषित आहार और अनियमित जीवन शैली की वजह से मनुष्य की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम होती जा रही है। लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश, निगलने में परेशानी, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान, भूख नहीं लगना, अरूचि, छींक आना, स्वाइन-फ्लू के लक्षण हो सकते हैं।
क्‍यूं करना चाहिए प्रतिदिन नाश्‍ता..... क्‍यूं करना चाहिए प्रतिदिन नाश्‍ता.....
वजन घटाने के लिये किन-किन तरीको से करें पानी का से..... वजन घटाने के लिये किन-किन तरीको से करें पानी का से.....
शरीर में पानी की कमी से हो सकती है ये बीमारियां..... शरीर में पानी की कमी से हो सकती है ये बीमारियां.....
नमक न खाने से होने वाले 12 स्वास्थ्य लाभ..... नमक न खाने से होने वाले 12 स्वास्थ्य लाभ.....
बुजुर्गों की सलाह बना सकती है आपकी जिंदगी आसान..... बुजुर्गों की सलाह बना सकती है आपकी जिंदगी आसान.....
बड़ी-बड़ी खुशियां हैं छोटी-छोटी बातों में........ बड़ी-बड़ी खुशियां हैं छोटी-छोटी बातों में........
क्या भगवान खाने को भोग लगाते हैं?
..... क्या भगवान खाने को भोग लगाते हैं? .....
अब आपके कपड़ें बदलेंगे गिरगिट की तरह रंग..... अब आपके कपड़ें बदलेंगे गिरगिट की तरह रंग.....
Advertisement Domain Registration E-Commerce Bulk-Email Web Hosting    S.E.O. Bulk SMS Software Development Web   Development Web Design